मक्का
उन्नत प्रभेद : खरीफ मौसम के लिए
प्रभेद का नाम |
सुआन कम्पोजिट-1 |
बिरसा मकई -1 |
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तैयार होने का समय |
100 दिन |
80-85 दिन |
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विशेष गुण |
संकुल किस्म, दाना पुष्ट |
रबी के लिए उपयुक्त |
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औसत उपज |
40-45 क्विंटल/ हेक्टेयर (खरीफ) |
30-40 क्विंटल/ हेक्टेयर (खरीफ) |
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प्रभेद का नाम |
बिरसा विकास मक्का -2 |
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तैयार होने का समय |
70-80 दिन |
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विशेष गुण |
संकुल किस्म, दाना पीला |
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संकर किस्म के बीज को प्रति वर्ष बदल देना चाहिए जबकि संकुल किस्म के बीज को 2-3 वर्ष तक उपयोग में लाया जा सकता है।
कृषि कार्य :
- जमीन की तैयारी
- खेत की तैयारी करते समय प्रति हेक्टेयर 100 से 150 क्विंटल गोबर की सड़ी खाद या कम्पोस्ट व्यवहार करें।
- जमीन जुताई इतनी करें कि मिट्टी भुरभुरी हो जाये।
- बुआई के एक माह पहले चूने का व्यवहार कर अम्लता दूर करें।
- दीमक के लिए अन्तिम जुताई के समय 25 किलो/ हेक्टेयर लिण्डेन धूल का प्रयोग करें।
- बुआई के समय: मई के अन्तिम सप्ताह से जून के अन्त तक।
- बीज दर : 18 किलो प्रति हेक्टेयर ।
- दूरी : कतार से कतार 75 सेंटी मीटर पौधा से पौधा 25 सें.मी.
- बीज बोने की गहराई : 3-4 सें.मी., खेत में नमी रहने पर बोआई करें।
(च) उर्वरक का प्रयोग :
उर्वरक |
बोने के समय |
बुआई के 30 दिनों |
धनबाल के समय |
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नाइट्रोजन |
65 कि./ हे.यूरिया |
88 कि./ हे. यूरिया |
65 कि./ हे. यूरिया |
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फॉस्फोरस |
375 कि./ हे. सिंगल |
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पोटाश |
68 कि./ हे. म्यूरियट |
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खाद को कूंड में डालकर मिला लें तब बीज बोयें।
(छ) जल निकास: समुचित जल निकास का
प्रबंध आवश्यक है। फूल आने के समय सूखे की स्थिति में सिंचाई की जरूरत
है।
(ज) खर-पतवार: बीज बोने के दो-तीन
दिनों के अन्दर 2 किलो एट्राटाफ को 800 लीटर पानी में घोलकर प्रति
हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें अथवा 10-15 दिनों के अन्तराल पर
निकाई-गुड़ाई करें।
(झ) निकाई-गुडाई : मक्का की कतारों के
अन्दर हो चलाकर कोड़नी करें। प्रथम टॉप-ड्रेसिंग के बाद कतार पर मिट्टी
चढ़ायें।
(ञ) कटनी: खरीफ मौसम की फसल को मोचा
निकलने के 35-40 दिन के बाद बाल के परिपक्व हो जाने पर कटनी करें।

